॥ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥
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श्री

॥ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥

श्रीनिम्बार्क सम्प्रदाय
SHRI NIMBARKA SAMPRADAYA
द्वैताद्वैत वेदान्त की दिव्य परम्परा
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ज्ञान एवं शोध में सहयोग

सम्प्रदाय की साहित्यिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में विद्वानों, संस्थाओं और पाठकों की सहभागिता।

किन क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकता है?

01

ग्रन्थ एवं पाण्डुलिपि

दुर्लभ ग्रन्थों की सूची, संस्करण-विवरण, पाण्डुलिपि के सुरक्षित डिजिटल चित्र।

02

शोध एवं सन्दर्भ

शिलालेख, ताम्रपत्र, अभिलेख, शोधपत्र और प्रकाशित ग्रन्थसूची।

03

अनुवाद एवं सम्पादन

संस्कृत, हिन्दी और अंग्रेजी में स्रोत-सहित अनुवाद तथा पाठ-समीक्षा।

04

चित्र एवं ध्वनि अभिलेख

मन्दिर, तीर्थ, ऐतिहासिक स्थल, प्रवचन और भजन के उपयोग-अधिकार सहित अभिलेख।

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